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Showing posts from June, 2022

राजस्थान की नदियाँ

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🌟 राजस्थान की नदियाँ 🌟  राजस्थान के जल संसाधनों को प्रमुख रूप से दो भागो मैं बांटा गया है। 1. नदियों का जल 2. झीलों का जल राजस्थान में प्रवाह के आधार पर नदियों को तीन भागों में बांटा गया है। 1. अरब सागर में गिरने वाली नदियां 2. बंगाल की खाड़ी की ओर जाने वाली नदियां  3. अंतः प्रवाह वाली नदियां 1. अरब सागर में गिरने वाली नदियां -  Trick - सालू की मां पश्चिमी बनास पर सोजा साबरमती, लूनी, माही, पश्चिमी बनास, सोम, जाखम 1. लूनी नदी - उदगम स्थल - अजमेर जिले की आनासागर झील/नाग पर्वत प्रवाह की दिशा - दक्षिण-पश्चिम लूनी नदी की लंबाई - 330 किलोमीटर लूनी नदी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख नदी है। भारत की एकमात्र नदी जिसका आधा भाग खारा तथा आधा भाग मीठा हैं। लूनी नदी बाड़मेर जिले के बालोतरानामक स्थान से खारी हो जाती है। लूनी नदी के खारी होने का एक प्रमुख कारण मिट्टी की लवणीयता है। लूनी नदी के उपनाम - लवणवती, मारवाड़ की गंगा, रेगिस्तान की गंगा लूनी नदी के प्रवाह वाले जिले - अजमेर, नागौर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौरपी लूनी नदी की सहायक नदियां - लीलडी, सूकड़ी, जोजड़ी, सागी, मीठड...

चित्तौड़ का किला

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√√√ चित्तौड़ का किला ~~~ √√ राजपुताने का गौरव, शौर्यऔर बलिदान की स्थली - चित्तौड़। चारणों द्वारा गाई गई शौर्य गाथाओं में आज भी यहाँ की कहानियाँ सुनने को मिलती हैं। चित्तौड़गढ़ का क़िला, 180 मीटर ऊँची पहाड़ी पर बना और 700 एकड़ में फैला सर्वोत्तम तथा सबसे बड़ा क़िला है। इस क़िले को तीन बार शक्तिशाली दुश्मनों का हमला सहना पड़ा। राजपूती वीरता, गौरव और जु़नून को, यहाँ एक ‘‘साउण्ड एण्ड लाइट’’ शो द्वारा, रोजाना प्रतिध्वनित किया जाता है। पर्यटक इस शो को देखने और सुनने के लिए एकाग्रचित्त होकर बैठते हैं और चित्तौड़ की भावभीनी कहानी सुनकर दंग रह जाते हैं। सन् 1303 में दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन ख़िलजी ने, रानी पद्मिनी का अपहरण करने के लिए हमला किया। उसके बाद 1533 में गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने इस किले पर हमला कर, तबाही मचाई। फिर चार दशक बाद 1568 में मुग़ल सम्राट अकबर ने इस पर हमला किया और कब्ज़ा कर लिया। सन् 1616 ई. में मुगल सम्राट जहाँगीर के शासनकाल में यह क़िला राजपूतों को वापस सौंप दिया गया। √√ रानी पद्मिनी का महल  √√रानी पद्मिनी का महल - मल सरोवर के किनारे पर बना ऐतिहासिक महल - रानी क...

राजस्थान-के-प्रमुख-लोक-सम्प्रदाय 🌟

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🌟 राजस्थान-के-प्रमुख-लोक-सम्प्रदाय 🌟 ❄ सभी धर्मों के अनुयायी प्राचीन काल से ही यहां निवास करते है । सगुण व निर्गुण भक्ति धारा का समन्वय इस भूमि की विशेषता रही है । राजस्थान के प्रमुख सम्प्रदाय निम्न प्रकार है :-  1. वल्लभ सम्प्रदाय :- वैष्णव सम्प्रदाय में कृष्ण उपासक कृष्ण वल्लभी या वल्लभ कहलाये । कृष्ण भक्ति के बाल स्वरूप के इस मत की स्थापना वल्लभाचार्य द्वारा 16वीं सदी के प्रारम्भिक दशक में की गई । उन्होने वृन्दावन में श्रीनाथ मन्दिर की स्थापना की । नाथद्वारा (राजसमन्द) में वल्लभ सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ है । वल्लभाचार्यजी की देश के विभिन्न भागों में स्थित चौरासी बैठकों में से राजस्थान में एकमात्र बैठक पुष्कर में स्थित है । इस सम्प्रदाय की विभिन्न पीठे निम्न है -  1. मथुरेश जी, कोटा  2. विट्ठल नाथ जी, नाथद्वारा  3. गोकुल नाथ जी, गोकुल  4. गोकुल चन्द्र जी कामवन, भरतपुर  5. द्वारिकाधीश जी कांकरौली (राजसमन्द)  6. बालकृष्ण जी, सूरत (गुजरात)  7. मदन मोहन जी कामवन (भरतपुर)  इस प्रकार पुष्टीमार्गीय सम्प्रदाय की अधिकांश पीठें राजस्थान ...

Complete List of MS Excel Shortcut Key

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Complete List of MS Excel Shortcut Key Ctrl+A - Select All Ctrl+B - Bold Ctrl+C - Copy Ctrl+D - Fill Down Ctrl+F - Find Ctrl+G - Goto Ctrl+H - Replace Ctrl+I - Italic Ctrl+K - Insert Hyperlink Ctrl+N - New Workbook Ctrl+O - Open Ctrl+P - Print Ctrl+R - Fill Right Ctrl+S - Save Ctrl+U - Underline Ctrl+V - Paste Ctrl W - Close Ctrl+X - Cut Ctrl+Y - Repeat Ctrl+Z - Undo F1 - Help F2 - Edit F3 - Paste Name F4 - Repeat last action F4 - While typing a formula, switch between absolute/relative refs F5 - Goto F6 - Next Pane F7 - Spell check F8 - Extend mode F9 - Recalculate all workbooks F10 - Activate Menubar F11 - New Chart F12 - Save As Ctrl+: - Insert Current Time Ctrl+; - Insert Current Date Ctrl+" - Copy Value from Cell Above Ctrl+’ - Copy Formula from Cell Above Shift - Hold down shift for additional functions in Excel’s menu Shift+F1 - What’s This? Shift+F2 - Edit cell comment Shift+F3 - Paste function into formula Shift+F4 - Find Next Shift+F5 - Find Shift+F6 - Previo...

Playing with the fire :: On Agnipath Scheme

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Playing with fire: On Agnipath  The Agnipath must be put on hold given the failure to push it as anything but a cost-cutting measure :::: All non-officer appointments to the three wings of the Indian armed forces will be through the Agnipath (literally, the path of fire), the Centre announced on June 14. The Government has enumerated its reasons for the move that fundamentally disrupts not only the process of recruitment but also the character of the soldier. Almost on cue, a section of experts has jumped in praising the move as transformative for the country’s defence. But many in the defence community and also political observers have not shied away from expressing their reservations and shock. Youth aspiring to join the forces are on the streets in protest in several States, and are even turning violent in many places. With no recruitment in the last two years due to COVID-19, these youngsters were already frustrated. With modest education and skills, they fear ...

Political Glossary

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🔷 स्थगन प्रस्ताव ▪️स्थगन प्रस्ताव किसी लोक महत्व के मामले पर पेश किया जाता है । जब ये स्वीकार कर लिया जाता है तब लोक महत्व के कार्य के लिए सदन का नियमित कार्य रोक दिया जाता है ।इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए न्यूनतम 50 सदस्यों की स्वीकृति जरूरी है । 🔷 धन विधेयक ▪️संसद में राजस्व एकत्र करने या अन्य प्रकार के धन के संबंधित विधेयक को धन विधेयक कहा जाता है । धन विधेयक केवल लोकसभा में ही पेश किया जाता है । धन विधेयक को पुन:विचार के लिए राष्ट्रपति लौटा नहीं सकता । 🔷 विनियोग विधेयक ▪️विनियोग विधेयक में भारत की संचित निधि पर भारित व्यय की पूर्ति के लिए धन तथा सरकार के खर्च के लिए अनुदान की मांग शामिल होती है । भारत में संचित निधि में से कोई भी धन विनियोग विधेयक के अधीन ही निकाला जा सकता है । 🔷 अविश्वास प्रस्ताव ▪️यह प्रस्ताव लोकसभा या विधानसभा में विपक्षी दलों द्वारा लाया जाता है । दरअसल ये प्रस्ताव सत्तारूढ पार्टी या गठबंधन के बहुतमत की परीक्षा होती है...। अगर ये प्रस्ताव पारित हो जाता है तो मंत्रिपरिषद् को इस्तीफा देना पड़ता है । सरकार गिर जाती है । 🔷 अध्यादेश ▪️जब संसद का अ...

Women at the top : on civil services results 2021

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For civil service to be truly representative, women must rise up at all levels of the bureaucracy Taking another step towards equity, three women, Shruti Sharma, Ankita Agarwal and Gamini Singla, secured the first, second and third ranks, respectively, in the 2021 Civil Services examinations conducted by the Union Public Service Commission (UPSC). Considered one of the toughest examinations to crack, the girls emerged successfully at the top in their second attempt, and in the case of the second-ranker, in her third try. All three women agreed that it was a long, difficult and challenging journey. With 10 of the top 25 rank-holders being women, there is a lot to celebrate — and ponder over. According to the latest All India Survey on Higher Education report, published by the Ministry of Education for 2019-2020, the gross enrolment ratio in higher education for the female population is 27.3%, compared to 26.9% for males. In this backdrop, women comprised only 26% — or 177 — ...